मन और आत्मा (soul) एक ही पदार्थ के दो रूप है

विश्व के सभी धर्मों में किसी न किसी रूप में उस परम सत्ता को स्वीकार किया है। यह परम सत्ता सर्वव्यापक और निराकार है जिसे हम परमात्मा की संज्ञा देते है। आत्मा (soul) इसी परम तत्व या परम…

मृत्यु के समय की स्थिति : At the time of death

प्राकृतिक मृत्यु (death) का आभास मनुष्य को पहले ही लग जाता है। आभास लगते ही उसके मानस पर जीवन की वे तमाम घटनाये सजीव होने लगती है जिनका जीवन में भारी मूल्य रहा। सारे पाप-पुण्य, अच्छाई-बुराई स्मृति में…

क्या प्रेत आत्मा आत्महत्या करती है : Kya Pret aatma Suicide karti hai

वास्तव में प्रेतयोनि अत्यंत निकृष्ट और अधमयोनि हैं। वासनाओं की प्रबलता और उन वासनाओं का इन्द्रियों के अभाव में पूरा न होना ही प्रेतयोनि का सबसे बड़ा कष्ट है। जिस कारण प्रेत आत्मा (pret aatma) को प्रेतयोनि उपलब्ध…

प्रेत योनि किसे प्राप्त होती है

यदि विचारपूर्वक देखा जाए तो मृत्योपरांत कुछ समय के लिए सभी प्रकार के मनुष्यों को प्रेतयोनि में रहना पड़ता है, इसमे संदेह नहीं। लेकिन विशेष रूप से निम्न लोगों को प्रेतयोनि (pretyoni) में तबतक रहना पड़ता है जबतक…

प्रेत शरीर क्या है : दसगात्र श्राद्ध क्यों किया जाता है

प्रेत शरीर प्रकृति प्रदत्त शरीर नहीं है। स्थूल शरीर और सूक्ष्म शरीर के बीच का है प्रेत शरीर (pret sharir)। स्थूल शरीर के बाद सबसे महत्वपूर्ण शरीर सूक्ष्मतम शरीर है। उसके बिना आत्मा न पुनर्जन्म को उपलब्ध हो…

प्रेत किसे कहते है : Pret Aatma kya hai

प्रेत उस चेतना को कहते हैं जिसका शरीर तो छूट गया लेकिन ‘मन’ नहीं छोटा। ‘मन’ सभी प्रकार की वासनाओं का भंडार है और वे वासनाएं शरीर के द्वारा ही तृप्त हो सकती हैं। किसी प्रिय का तन…