प्रेत योनि किसे प्राप्त होती है

यदि विचारपूर्वक देखा जाए तो मृत्योपरांत कुछ समय के लिए सभी प्रकार के मनुष्यों को प्रेतयोनि में रहना पड़ता है, इसमे संदेह नहीं। लेकिन विशेष रूप से निम्न लोगों को प्रेतयोनि (pretyoni) में तबतक रहना पड़ता है जबतक उनकी वासना का क्षय नहीं हो जाता अथवा भौतिक जीवन की आयु पूरी नहीं हो जाती।

pretyoni kise milti hai

किसी व्यक्ति के मरने के बाद प्रेतयोनि निम्न कारणों से मिलती है :-

  1. आयु रहते किसी दुर्घटना के कारण मृत्यु होना, ऐसी अवस्था में जितनी आयु शेष रहती है, उतनी आयु प्रेतयोनि में भोगी जाती है।
  2. भयंकर रोग के कारण मरने वाला व्यक्ति भी प्रेतयोनि को उपलब्ध होता है।
  3. किसी अदम्य लालसा या कामना के पूर्ण न होने के कारण भी प्रेतयोनि (pretyoni) उपलब्ध होती है।
  4. विष खाकर अथवा जल में डूबकर मरने वाले व्यक्ति को भी प्रेत योनि मिलती है। किसी के द्वारा हत्या होने पर और स्वयं फांसी लगाकर मरने पर भी प्रेतयोनि मिलती है।
  5. किसी अधूरे कार्य को छोड़कर मरने वाला व्यक्ति भी प्रेतयोनि में जाता है। किसी इच्छा, किसी संकल्प और किसी उद्देश्य को पूर्ण होने के पूर्व ही जिसकी मृत्यु हो गयी है वह भी प्रेतयोनि में जाता है।

सारांश यह की आयु के रहते किसी भी कारण से मरने वाला व्यक्ति निश्चित रूप से प्रेतयोनि (pretyoni) को उपलब्ध होता है और शेष आयु उसी योनि में रहकर भोगता है। कभी-कभी काफी लंबी आयु भी भोगनी पड़ती है किसी-किसी को। 

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Himanshu Kumar
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One comment

  1. मेरा नाम अर्जुन पुरोहित है। में परलोक से जुड़े रहस्यों पर और प्राचीन भारत से जुड़े रहस्यों पर गहनता से अध्ययन कर रहा हु। मुझे आपका यह लेख पसंद आया। कृपया कर मुझे बताए की आप इस तरह की जानकारी कहा से लेते हैं ? क्या प्रेतलोक , पिशाचलोक और वासनालोक तीनो एक ही हैं? पिशाचीनि , कर्णपिशाचिनी , यक्षिणी आदि किसी लोक मैं रहती है?

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