भूत-प्रेतों के अस्तित्व पर कई लोग विश्वास करते हैं और कई नहीं भी करते हैं | यह सच है कि अनेक बार सामान्य घटनाओं को भी भूत-प्रेत की लीला समझा जाता है और अनेक सम्बन्ध में अतिरंजति कल्पनाएं (imagines) की जाती हैं | भूत-प्रेतों से सम्बंधित अधिकांश मामलों के मूल में अंधविश्वास (superstition), धोखाधड़ी और अज्ञान ही कारण होते हैं, पर यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि भूत-प्रेतों का अस्तित्व है और वे कई तरह से अपने अस्तित्व का परिचय देते हैं | कौन-सी घटना से भूत-प्रेतों का अस्तित्व सिद्ध होता है और कौन-सी बातें मात्र अन्धविश्वास हैं, यह भेद करना कठिन है | किन्तु परामनोविज्ञान (parapsychology) की शोधों के अनुसार अब यह शास्त्रीय मान्यता पुष्ट हो चुकी है कि मरने के बाद और जन्म लेने के पूर्व जीव कुछ समय तक अशरीरी अवस्था (bodiless state) में रहता है | कुछ शांत आत्माएं इस अवस्था में चुपचाप रहती हैं और अपने उपयुक्त गर्भ (suitable foetus) का चुनाव करने के लिए प्रतीक्षा करती रहती हैं | किन्तु कई विक्षुब्ध आत्माएं (disturbing spirits) अशरीरी अवस्था में भी अपने जीवन काल की मनःस्थिति (emo...
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